हिंसा वाली जगह पर इमारतों की छतों पर मिले ईंट, पत्थर व रोड़ी, साजिश के तहत तो पथराव नहीं किया गया था

पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 19 Apr 2022 12:08 AM IST

सार

अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि एफएसएल की चार टीमें सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची और धार्मिक स्थल की आसपास की इमारतों, पथराव वाली जगहों पर साक्ष्य उठाए हैं।

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कुशल चौक के पास स्थित इमारतों, पथराव वाली जगह व धार्मिक स्थल आदि की छतों पर पत्थर, ईंट व रोड़ी मिली है। अपराध शाखा के एक अधिकारी की मानें तो छतों से भारी सख्या में हिंसा के दो दिन बाद पत्थर, ईंट व कांच की बोतलें मिली हैं। इस आधार पर आसानी से कहा जा सकता है कि साजिश के साथ शोभायात्रा पर पथराव किया गया था। पुलिस की मानें तो शोभायात्रा दो बार निकाली गई थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या साजिश के तहत हिंसा की गई थी। पुलिस मौके से सबूत जुटा रही है।

अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि एफएसएल की चार टीमें सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची और धार्मिक स्थल की आसपास की इमारतों, पथराव वाली जगहों पर साक्ष्य उठाए हैं। हिंसा वाली जगह के पास स्थित इमारतों की छतों पर पत्थर, कांच की बोतल, ईंट व रोडी मिली हैं। अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में ये लग रहा है कि साजिश के तहत हिंसा को अंजाम दिया गया है।

जांच में ये बात भी सामने आई है कि शोभायात्रा को दूसरी बार निकाला जा रहा था। एक बार शोभायात्रा वहां से निकल चुकी थी। दूसरी बार जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तब नारेबाजी तेज हो गई थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा की साजिश किसने रची। अपराध शाखा ने इस कोण से भी जांच तेज कर दी है। अपराध शाखा की एक अलग टीम इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा की साजिश किसने और कैसी रची।

पुलिस टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटा रही है। घटनास्थल पर दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग के करीब दस सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने पत्र लिखकर पीडब्ल्यूडी से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी है। सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के माध्यम से बड़ी मात्रा में ऐसे विजुअल आए हैं, जिनमें तमाम चेहरे हिंसा करते हुए हैं। पुलिस इन चेहरों की पहचान करने में जुटी है। अपराध शाखा में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एक डीसीपी के नेतृत्व में पांच एसीपी और दस इंस्पेक्टर शामिल किए गए हैं। अपराध शाखा ने पूछताछ के लिए दस से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, केस की फाइल सोमवार शाम तक अपराध शाखा को नहीं मिली थी।

विस्तार

कुशल चौक के पास स्थित इमारतों, पथराव वाली जगह व धार्मिक स्थल आदि की छतों पर पत्थर, ईंट व रोड़ी मिली है। अपराध शाखा के एक अधिकारी की मानें तो छतों से भारी सख्या में हिंसा के दो दिन बाद पत्थर, ईंट व कांच की बोतलें मिली हैं। इस आधार पर आसानी से कहा जा सकता है कि साजिश के साथ शोभायात्रा पर पथराव किया गया था। पुलिस की मानें तो शोभायात्रा दो बार निकाली गई थी। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि क्या साजिश के तहत हिंसा की गई थी। पुलिस मौके से सबूत जुटा रही है।

अपराध शाखा के एक अधिकारी ने बताया कि एफएसएल की चार टीमें सोमवार को घटनास्थल पर पहुंची और धार्मिक स्थल की आसपास की इमारतों, पथराव वाली जगहों पर साक्ष्य उठाए हैं। हिंसा वाली जगह के पास स्थित इमारतों की छतों पर पत्थर, कांच की बोतल, ईंट व रोडी मिली हैं। अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में ये लग रहा है कि साजिश के तहत हिंसा को अंजाम दिया गया है।

जांच में ये बात भी सामने आई है कि शोभायात्रा को दूसरी बार निकाला जा रहा था। एक बार शोभायात्रा वहां से निकल चुकी थी। दूसरी बार जब शोभायात्रा निकाली जा रही थी तब नारेबाजी तेज हो गई थी। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा की साजिश किसने रची। अपराध शाखा ने इस कोण से भी जांच तेज कर दी है। अपराध शाखा की एक अलग टीम इस बात की जांच कर रही है कि हिंसा की साजिश किसने और कैसी रची।

पुलिस टीम आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज जुटा रही है। घटनास्थल पर दिल्ली सरकार के पीडब्ल्यूडी विभाग के करीब दस सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पुलिस ने पत्र लिखकर पीडब्ल्यूडी से सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मांगी है। सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के माध्यम से बड़ी मात्रा में ऐसे विजुअल आए हैं, जिनमें तमाम चेहरे हिंसा करते हुए हैं। पुलिस इन चेहरों की पहचान करने में जुटी है। अपराध शाखा में जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एक डीसीपी के नेतृत्व में पांच एसीपी और दस इंस्पेक्टर शामिल किए गए हैं। अपराध शाखा ने पूछताछ के लिए दस से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है। हालांकि, केस की फाइल सोमवार शाम तक अपराध शाखा को नहीं मिली थी।

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