हिंसा के आठ दिन बाद निकली तिरंगा यात्रा, ‘हिंदू-मुस्लिम भाई भाई, अब नहीं रहेगी कोई खाई’ के लगे नारे

सार

16 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके के सी ब्लॉक में हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के दौरान दो समुदाय के बीच हिंसा में आठ पुलिसकर्मी सहित नौ लोग घायल हुए थे।

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हिंसा के आठ दिन बाद दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में तिरंगा यात्रा निकाली गई। रविवार शाम यात्रा के दौरान हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग एक साथ दिखे। हर हाथ में तिरंगा लेकर लोग वंदे मातरम, भारत माता के जयकारे लगा रहे थे।
 
भारी सुरक्षा बल के साथ जहांगीरपुरी के कुशल चौक से आजाद चौक तक निकली तिरंगा यात्रा पर घरों से फूल बरसाए गए। इस दौरान लोगों ने कहा कि ‘हिंदू-मुस्लिम भाई भाई, अब नहीं रहेगी कोई खाई।’ 16 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके के सी ब्लॉक में हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के दौरान दो समुदाय के बीच हिंसा में आठ पुलिसकर्मी सहित नौ लोग घायल हुए थे। अब तक इस मामले में दिल्ली पुलिस करीब 28 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। दो नाबालिग पकड़े गए हैं। 

घटना के बाद ही पूरे इलाके में लोग डर के साए में हैं। दोनों समुदाय के बीच शांति कायम करने के लिए स्थानीय शांति समिति की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने के बाद इस यात्रा में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय के हजारों लोग मौजूद थे। 

शाम होते ही घरों से बाहर आए लोग
कुशल चौक से शुरू हुई तिरंगा यात्रा में धीरे-धीरे संख्या बढ़ती चली गई। शाम होते-होते घरों से बाहर आए लोग एक दूसरे को गले लगाकर आपसी भाईचारे की चर्चा करते हुए यात्रा में शामिल हुए। सी ब्लॉक, जी ब्लॉक के बाद आजाद चौक से होकर यात्रा फिर कुशल चौक पर समाप्त हुई। दोनों समुदायों के लोगों के हाथों में तिरंगा देखकर सांस्कृतिक और धार्मिक एकता की नई मिसाल कायम की गई। स्थानीय लोगों का कहना था कि इससे पहले जहांगीरपुरी में कभी भी दोनों समुदायों के बीच हिंसा नहीं हुई और इस यात्रा के जरिये पहले की तरह दोबारा माहौल करने की इस मुहिम के जरिये शांति और एकजुटता का संदेश दिया गया।

विस्तार

हिंसा के आठ दिन बाद दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में तिरंगा यात्रा निकाली गई। रविवार शाम यात्रा के दौरान हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग एक साथ दिखे। हर हाथ में तिरंगा लेकर लोग वंदे मातरम, भारत माता के जयकारे लगा रहे थे।

 

भारी सुरक्षा बल के साथ जहांगीरपुरी के कुशल चौक से आजाद चौक तक निकली तिरंगा यात्रा पर घरों से फूल बरसाए गए। इस दौरान लोगों ने कहा कि ‘हिंदू-मुस्लिम भाई भाई, अब नहीं रहेगी कोई खाई।’ 16 अप्रैल को दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके के सी ब्लॉक में हनुमान जन्मोत्सव की शोभायात्रा के दौरान दो समुदाय के बीच हिंसा में आठ पुलिसकर्मी सहित नौ लोग घायल हुए थे। अब तक इस मामले में दिल्ली पुलिस करीब 28 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। दो नाबालिग पकड़े गए हैं। 

घटना के बाद ही पूरे इलाके में लोग डर के साए में हैं। दोनों समुदाय के बीच शांति कायम करने के लिए स्थानीय शांति समिति की ओर से तिरंगा यात्रा निकाली गई। दिल्ली पुलिस से अनुमति लेने के बाद इस यात्रा में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय के हजारों लोग मौजूद थे। 

शाम होते ही घरों से बाहर आए लोग

कुशल चौक से शुरू हुई तिरंगा यात्रा में धीरे-धीरे संख्या बढ़ती चली गई। शाम होते-होते घरों से बाहर आए लोग एक दूसरे को गले लगाकर आपसी भाईचारे की चर्चा करते हुए यात्रा में शामिल हुए। सी ब्लॉक, जी ब्लॉक के बाद आजाद चौक से होकर यात्रा फिर कुशल चौक पर समाप्त हुई। दोनों समुदायों के लोगों के हाथों में तिरंगा देखकर सांस्कृतिक और धार्मिक एकता की नई मिसाल कायम की गई। स्थानीय लोगों का कहना था कि इससे पहले जहांगीरपुरी में कभी भी दोनों समुदायों के बीच हिंसा नहीं हुई और इस यात्रा के जरिये पहले की तरह दोबारा माहौल करने की इस मुहिम के जरिये शांति और एकजुटता का संदेश दिया गया।

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