संक्रमण दर पांच फीसदी से अधिक, एक प्रतिशत से भी कम बेडों पर मरीज भर्ती

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 19 Apr 2022 06:59 PM IST

सार

एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि एक प्रतिशत से भी कम बेडों पर मरीज हैं, 99 फीसदी बेड खाली हैं।

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राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना की रफ्तार तेज हो गई है। इससे लोगों में चिंता भी बढ़ गई है। दिल्ली में संक्रमण दर पांच फीसदी से अधिक हो गई है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम है। 
एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि एक प्रतिशत से भी कम बेडों पर मरीज हैं, 99 फीसदी बेड खाली हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए 250 बेड हैं, जिसमें से सिर्फ चार बेडों पर कोविड के मरीज हैं। सभी चार मरीजों की स्थिति ठीक है। 

उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि बीते चार दिन में कोरोना संक्रमण दो से बढ़कर सात फीसदी पार हुआ है जो सीधे तौर पर नई लहर की पुष्टि करता है। हालांकि सरकार ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।  आंकड़ों के अनुसार ओमिक्रॉन लहर निकलने के बाद 29 जनवरी को 7.2 फीसदी संक्रमण पाया गया था लेकिन सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि बीते एक दिन में 7.72 फीसदी संक्रमण दर आई है जो रविवार की तुलना में करीब 50 फीसदी अधिक है।

जानकारी मिली है कि सोमवार को लगातार दूसरे दिन 500 से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। हालांकि एक तथ्य यह भी है कि रविवार को कम जांच की वजह से भी संक्रमण दर में इजाफा हुआ है। पिछले एक दिन में 6492 नमूनों की जांच की गई थी जिनमें 501 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 290 मरीजों को छुट्टी भी दी गई। आम दिनों में रोजाना 12 से 13 हजार नमूनों की जांच हो रही थी। 

दरअसल दिल्ली में पहली बार दो मार्च 2020 को पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिला था। साल 2020 में तीन बार संक्रमण की लहर दर्ज की गई जबकि साल 2021 में एक बार लहर आई। पांचवीं लहर दो महीने पहले ओमिक्रॉन के रूप में देखने को मिली थी। वहीं छठी लहर के तौर पर अब दैनिक मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 

विस्तार

राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना की रफ्तार तेज हो गई है। इससे लोगों में चिंता भी बढ़ गई है। दिल्ली में संक्रमण दर पांच फीसदी से अधिक हो गई है। हालांकि, अस्पताल में भर्ती होने की दर बहुत कम है। 

एलएनजेपी अस्पताल के डॉक्टर सुरेश कुमार ने बताया कि एक प्रतिशत से भी कम बेडों पर मरीज हैं, 99 फीसदी बेड खाली हैं। उन्होंने कहा कि हमारे पास अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए 250 बेड हैं, जिसमें से सिर्फ चार बेडों पर कोविड के मरीज हैं। सभी चार मरीजों की स्थिति ठीक है। 

उधर, विशेषज्ञों का मानना है कि बीते चार दिन में कोरोना संक्रमण दो से बढ़कर सात फीसदी पार हुआ है जो सीधे तौर पर नई लहर की पुष्टि करता है। हालांकि सरकार ने अब तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं है।  आंकड़ों के अनुसार ओमिक्रॉन लहर निकलने के बाद 29 जनवरी को 7.2 फीसदी संक्रमण पाया गया था लेकिन सोमवार को स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि बीते एक दिन में 7.72 फीसदी संक्रमण दर आई है जो रविवार की तुलना में करीब 50 फीसदी अधिक है।

जानकारी मिली है कि सोमवार को लगातार दूसरे दिन 500 से ज्यादा लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। हालांकि एक तथ्य यह भी है कि रविवार को कम जांच की वजह से भी संक्रमण दर में इजाफा हुआ है। पिछले एक दिन में 6492 नमूनों की जांच की गई थी जिनमें 501 लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं। इस दौरान 290 मरीजों को छुट्टी भी दी गई। आम दिनों में रोजाना 12 से 13 हजार नमूनों की जांच हो रही थी। 

दरअसल दिल्ली में पहली बार दो मार्च 2020 को पहला कोरोना संक्रमित मरीज मिला था। साल 2020 में तीन बार संक्रमण की लहर दर्ज की गई जबकि साल 2021 में एक बार लहर आई। पांचवीं लहर दो महीने पहले ओमिक्रॉन के रूप में देखने को मिली थी। वहीं छठी लहर के तौर पर अब दैनिक मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। 

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