भलस्वा में नहीं बुझी आग, काबू पाने में लग सकते हैं 3-4 दिन, लोगों ने घर छोड़कर रिश्तेदारों के पास डाला डेरा

सार

लैंडफिल साइट से उठने वाले धुएं से कई कॉलोनियों के लोगों की परेशानियां बढ़ीं। खासकर बूढ़े, बच्चे और रोगियों को हर सांस के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मजबूरन कुछ लोग तो अस्थायी रूप से रिश्तेदारों और करीबियों के घर शिफ्ट हो गए हैं।
 

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भलस्वा लैंडफिल साइट पर लगी आग अब भी धधक रही है। आग से फैल रहे धुएं की वजह से तीन-चार किमी दूर तक फैली कई कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। खासकर बूढ़े, बच्चे और रोगियों को हर सांस के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मजबूरन कुछ लोग तो अस्थायी रूप से रिश्तेदारों और करीबियों के घर शिफ्ट हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल यहां यही हालात होते हैं, लेकिन न तो निगम और न ही दिल्ली सरकार इसका कोई हल निकाल पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास की करीब 20 कालोनियों के लोग इससे प्रभावित होते हैं। लोगों का कहना है कि एरिया में लगातार सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।

श्रद्धानंद कॉलोनी निवासी सुनील ने बताया कि हर साल तीन से चार बार लैंडफिल साइट पर आग लगती है। इसके बाद यहां रहने वाले लोगों का जीना दूभर हो जाता है। मजबूरन कुछ लोग हमेशा की तरह अपने रिश्तेदारों या करीबियों के घर चले जाते हैं। बाकी जिन लोगों के कोई रिश्तेदार या अन्य परिजन नहीं हैं वह यहां दमघोंटू हवा में रहने को मजबूर रहते हैं।

ऐसे हालात में लोग खिड़की दरवाजे तक नहीं खोलते हैं। बच्चों को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। एक अन्य युवक कुणाल ने बताया कि यदि भलस्वा इलाके के आसपास एरिया का सर्वे कराया जाए तो दूसरे इलाकों के मुकाबले यहां सांस के रोगी ज्यादा मिलेंगे। फिलहाल आग की वजह से श्रद्धानंद कॉलोनी, राजीव नगर, मुकुंद विहार, मुकुंदपुर, लिबासपुर, कमालपुर, समता विहार, बुराड़ी और भलस्वा डेयरी आदि कॉलोनियों में रहने वाले    लोगों को दिक्कत हो रही है।

दमकल की आठ गाड़ियां 24 घंटे कर रहीं काम
भलस्वा लैंडफिल साइट पर लगी आग पर 24 घंटे बाद भी काबू नहीं पाया जा सका है। दमकल विभाग के अलावा नगर निगम की कई टीमें आग पर काबू पाने में मदद कर रही हैं।

दमकल विभाग के सूत्रों का कहना है कि चूंकि लैंडफिल साइट के एक बड़े हिस्से में आग फैल चुकी है, ऐसे में इस पर काबू पाने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। फिलहाल दमकल की आठ गाड़ियां तीन अलग-अलग प्वाइंट पर आग को काबू करने में जुटी है।
दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर मंगलवार शाम 5.47 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। उसी समय करीब दर्जन भर गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया। देर रात तक आग को हल्का तो किया गया, लेकिन काबू नहीं पाया जा सका।

दरअसल आग लगने का एरिया धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। लैडफिल साइट की ऊंचाई भी ज्यादा है। ऐसे में वहां तक दमकल की गाड़ियों का पहुंचना भी बेहद मुश्किल है। नगर निगम की भी छह जेसीबी लगातार 24 घंटे काम कर रही है।

विस्तार

भलस्वा लैंडफिल साइट पर लगी आग अब भी धधक रही है। आग से फैल रहे धुएं की वजह से तीन-चार किमी दूर तक फैली कई कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। खासकर बूढ़े, बच्चे और रोगियों को हर सांस के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। मजबूरन कुछ लोग तो अस्थायी रूप से रिश्तेदारों और करीबियों के घर शिफ्ट हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल यहां यही हालात होते हैं, लेकिन न तो निगम और न ही दिल्ली सरकार इसका कोई हल निकाल पा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास की करीब 20 कालोनियों के लोग इससे प्रभावित होते हैं। लोगों का कहना है कि एरिया में लगातार सांस के मरीजों की संख्या भी बढ़ रही है।

श्रद्धानंद कॉलोनी निवासी सुनील ने बताया कि हर साल तीन से चार बार लैंडफिल साइट पर आग लगती है। इसके बाद यहां रहने वाले लोगों का जीना दूभर हो जाता है। मजबूरन कुछ लोग हमेशा की तरह अपने रिश्तेदारों या करीबियों के घर चले जाते हैं। बाकी जिन लोगों के कोई रिश्तेदार या अन्य परिजन नहीं हैं वह यहां दमघोंटू हवा में रहने को मजबूर रहते हैं।

ऐसे हालात में लोग खिड़की दरवाजे तक नहीं खोलते हैं। बच्चों को भी घर से बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। एक अन्य युवक कुणाल ने बताया कि यदि भलस्वा इलाके के आसपास एरिया का सर्वे कराया जाए तो दूसरे इलाकों के मुकाबले यहां सांस के रोगी ज्यादा मिलेंगे। फिलहाल आग की वजह से श्रद्धानंद कॉलोनी, राजीव नगर, मुकुंद विहार, मुकुंदपुर, लिबासपुर, कमालपुर, समता विहार, बुराड़ी और भलस्वा डेयरी आदि कॉलोनियों में रहने वाले    लोगों को दिक्कत हो रही है।

दमकल की आठ गाड़ियां 24 घंटे कर रहीं काम

भलस्वा लैंडफिल साइट पर लगी आग पर 24 घंटे बाद भी काबू नहीं पाया जा सका है। दमकल विभाग के अलावा नगर निगम की कई टीमें आग पर काबू पाने में मदद कर रही हैं।

दमकल विभाग के सूत्रों का कहना है कि चूंकि लैंडफिल साइट के एक बड़े हिस्से में आग फैल चुकी है, ऐसे में इस पर काबू पाने में तीन से चार दिन लग सकते हैं। फिलहाल दमकल की आठ गाड़ियां तीन अलग-अलग प्वाइंट पर आग को काबू करने में जुटी है।

दमकल विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भलस्वा लैंडफिल साइट पर मंगलवार शाम 5.47 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। उसी समय करीब दर्जन भर गाड़ियों को मौके पर भेज दिया गया। देर रात तक आग को हल्का तो किया गया, लेकिन काबू नहीं पाया जा सका।

दरअसल आग लगने का एरिया धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। लैडफिल साइट की ऊंचाई भी ज्यादा है। ऐसे में वहां तक दमकल की गाड़ियों का पहुंचना भी बेहद मुश्किल है। नगर निगम की भी छह जेसीबी लगातार 24 घंटे काम कर रही है।

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