फर्जी लाइसेंस पर हथियार दिलवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, गैंग सरगना समेत चार गिरफ्तार

सार

अपराध शाखा के डीसीपी दीपक यादव ने बताया कि एसीपी उमेश बर्थवाल, इंस्पेक्टर सत्येंद्र मोहन की टीम को 12 अप्रैल को सूचना मिली थी कि अभिमन्यू राय नामक शख्स नोएडा की ओर से आने वाला है। वह फर्जी लाइसेंस पर हथियार रखता है।

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फर्जी लाइसेंस बनवाकर ऑर्डिनेंस फैक्टरी के हथियार जारी करवाने वाले गैंग का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश से चार आरोपियों को दबोचा है।

पुलिस ने बताया कि इनकी पहचान गांव हरसाथ, सांभा, जम्मू-कश्मीर निवासी रामेश्वर दत्त उर्फ बाबूजी (50), मध्य प्रदेश निवासी अभिमन्यू राय उर्फ अन्नू (30), सकेश कुमार (50) और अशोक अग्रवाल (64) के रूप में हुई है। रामेश्वर पहले कठुआ जिला के डीएम ऑफिस में लाइसेंस विभाग में नौकरी करता था। वहां गड़बड़ी करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद आरोपी हथियारों के नकली लाइसेंस बनवाने लगा।

पुलिस ने आगे बताया कि अशोक की ग्वालियर में हथियारों की दुकान है। रामेश्वर के जरिये सकेश लाइसेंस बनवा बेचता था। उस लाइसेंस पर मोटी रकम लेकर अशोक ऑर्डिनेंस फैक्टरी के हथियार जारी कर देता था। अभिमन्यू को पुलिस ने चोरी की गाड़ी व फर्जी लाइसेंस व रिवाल्वर के साथ दबोचा है।

पुलिस को 12 मई को मिली थी सूचना

अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त दीपक यादव ने बताया कि एसीपी उमेश बर्थवाल, इंस्पेक्टर सत्येंद्र मोहन की टीम को 12 अप्रैल को सूचना मिली थी कि अभिमन्यू राय नामक शख्स नोएडा की ओर से आने वाला है। वह चोरी की गाड़ियों का धंधा करता है और फर्जी लाइसेंस पर हथियार रखता है। फौरन पुलिस ने नोएडा से मयूर विहार के रूट पर जाल बिछा दिया। इस बीच पुलिस ने आरोपी को फॉरच्यूनर गाड़ी में प्रगति मैदान के पास भैरो मंदिर के नजदीक से दबोच लिया। उसके पास से बरामद गाड़ी का इंजन नंबर और चेसिस नंबर टैंपर मिला।

पुलिस ने बताया कि गाड़ी दिल्ली वसंतकुंज नॉर्थ इलाके से चोरी मिली। उसके पास से बरामद हथियार जम्मू-कश्मीर से जारी था। उसकी जांच करवाने पर वह भी फर्जी मिला। पुलिस ने आरोपी अभिमन्यू को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि उसने हथियारों का फर्जी लाइसेंस मध्य प्रदेश के सकेश की मदद से प्राप्त किया था। इसके अलावा चोरी की गाड़ी उसने आदर्श उर्फ अज्ञात से खरीदी थी। अभिमन्यू से पूछताछ के बाद पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के रामपुरा में छापेमारी की।

पुलिस ने बताया कि उसने पहले वहां से सकेश कुमार को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान सकेश ने बताया कि वह अब तक रामेश्वर की मदद से 50 फर्जी लाइसेंस बनवा चुका है। हथियार दिलवाने के बाद वह मध्य प्रदेश में ही हथियारों की दुकान चलाने वाले अशोक अग्रवाल से मोटी रकम में हथियार भी दिलवा देता है। पुलिस ने शान गन हाउस के मालिक अशोक अग्रवाल को भी मध्य प्रदेश से दबोच लिया। तीनों से पूछताछ के बाद मुख्य आरोपी रामेश्वर का पता लगाया गया। एक टीम को जम्मू कश्मीर के कठुआ भेजा गया। पुलिस ने 22 अप्रैल को रामेश्वर को वहां से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध कबूल कर लिया।

कौन हैं पकड़े गए सभी आरोपी…

मूलरूप से जम्मू-कश्मीर का रहने वाला रामेश्वर दत्त उर्दू से पोस्ट ग्रेजुएट है। पहले वह कठुआ के डीएम ऑफिस में जूनियर असिस्टेंट का काम करता था। यहां उसने कुछ हेराफेरी शुरू की तो उसे नौकरी से निकाल लिया गया। चूंकि उसे पूरे सिस्टम का पता था, इसलिए उसने फर्जी हथियारों के लाइसेंस बनवाना शुरू कर दिया। वह लाइसेंस बनाकर सकेश समेत अन्य लोगों को देता था।

मूलरूप से ग्वालियर का रहने वाला अभिमन्यू बीसीए किए हुए है। उसका प्रॉपर्टी का काम है। वह चोरी की गाड़ियों का भी धंधा करता है। उसके खिलाफ हत्या समेत कुल सात आपराधिक मामले दर्ज हैं। मध्य प्रदेश का ही रहने वाला सकेश रामेश्वर के संपर्क में आकर फर्जी हथियारों के लाइसेंस का धंधा करने लगा। उसने मध्य प्रदेश में ही गन हाउस चलाने वाले अशोक अग्रवाल से सेटिंग की। फर्जी लाइसेंस पर वह अशोक की मदद से हथियार जारी करवा दिया करता था। पुलिस पकड़े चारों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।

विस्तार

फर्जी लाइसेंस बनवाकर ऑर्डिनेंस फैक्टरी के हथियार जारी करवाने वाले गैंग का दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में दिल्ली, जम्मू-कश्मीर और मध्य प्रदेश से चार आरोपियों को दबोचा है।

पुलिस ने बताया कि इनकी पहचान गांव हरसाथ, सांभा, जम्मू-कश्मीर निवासी रामेश्वर दत्त उर्फ बाबूजी (50), मध्य प्रदेश निवासी अभिमन्यू राय उर्फ अन्नू (30), सकेश कुमार (50) और अशोक अग्रवाल (64) के रूप में हुई है। रामेश्वर पहले कठुआ जिला के डीएम ऑफिस में लाइसेंस विभाग में नौकरी करता था। वहां गड़बड़ी करने पर उसे नौकरी से निकाल दिया गया। इसके बाद आरोपी हथियारों के नकली लाइसेंस बनवाने लगा।

पुलिस ने आगे बताया कि अशोक की ग्वालियर में हथियारों की दुकान है। रामेश्वर के जरिये सकेश लाइसेंस बनवा बेचता था। उस लाइसेंस पर मोटी रकम लेकर अशोक ऑर्डिनेंस फैक्टरी के हथियार जारी कर देता था। अभिमन्यू को पुलिस ने चोरी की गाड़ी व फर्जी लाइसेंस व रिवाल्वर के साथ दबोचा है।

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