प्रतिबंधित संगठन पीएफआई के कनेक्शन की भी होगी जांच, हथियारों के साथ दिख रहे सभी आरोपी गिरफ्तार

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Tue, 19 Apr 2022 05:30 PM IST

सार

जहांगीरपुरी हिंसा की जांच के दौरान नया मोड़ सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस हिंसा के पीछे प्रतिबंधित संगठन पीएफआई का भी हाथ हो सकता है। दिल्ली पुलिस पीएफआई कनेक्शन की भी जांच कर रही है। 

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जहांगीरपुरी हिंसा को लेकर आप और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी है। आप नेता आतिशि ने कहा कि जहांगीरपुरी दंगों का मुख्य आरोपी अंसार भाजपा का नेता है। उसने भाजपा की प्रत्याशी संगीता बजाज को चुनाव लड़वाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी और भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाता है। इससे साफ होता है कि भाजपा ने ही दंगे करवाए। भाजपा दिल्ली वालों से माफी मांगे। भाजपा गुंडों और लफंगों की पार्टी है।

पीएफआई के एंगल से भी होगी जांच
जहांगीरपुरी हिंसा की जांच में दिल्ली पुलिस जुटी हुई है। इस बीच स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि हिंसा की जांच पीपल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एंगल से भी होगी। हांलांकि, उन्होंने जांच की जानकारी देने से इनकार किया है। कहा कि पीएफआई के एंगल से भी जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में हथियार के साथ दिख रहे सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

अमित शाह ने कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश
इस हिंसा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शाह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें जो मिसाल बने। जिससे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उधर, आरोपी सोनू उर्फ यूनुस के पास से एक अत्याधुनिक पिस्टल बरामद हुई है। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने घटना के दौरान कुशाल चौक के पास अपनी पिस्टल से फायरिंग की थी।

दिल्ली दंगों से जुड़ा है यह बवाल 
जहांगीरपुरी हिंसा पर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जहांगीरपुरी में जिस कुशल चौक, सी-ब्लाक में शोभा यात्रा पर पथराव के बाद हिंसा हुई थी, उस कुशल चौक का 2020 में हुए दिल्ली दंगों का कनेक्शन है। कुशल चौक से करीब सात बसों में भरकर बांग्लादेशी महिलाएं, बच्चों व पुरुषों को शाहीन बाग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ले जाया गया था। दंगा करने के लिए लोग कुशल चौक से गए थे। दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि असलम को फायरिंग करने के लिए बदमाश गुल्ली ने भड़काया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है उसमें लिखा हुआ है कि सीएए व एनआरसी के दौरान सी-ब्लाक, कुशल चौक से छह से सात बसों में भरकर अवैध बांग्लादेशी महिलाएं, बच्चों और पुरुषों को शाहीनबाग प्रदर्शन में शामिल करने के लिए ले जाया गया था।

पहले से थी दंगे की साजिश
दिल्ली पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिला है, उसमें देखा जा रहा है कि कुछ लोग हमले के लिए लाठियां इकट्ठे कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस का कहना है कि शोभायात्रा के दौरान दंगे की साजिश पहले से थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसे साजिश के तहत जांच कर रही है। 

आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज
वहीं, हनुमान जन्मोत्सव पर बिना अनुमति के जुलूस निकालने वाले आयोजकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल दिल्ली प्रांत, मुखर्जी नगर जिला झंडेवाला के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आयोजकों ने पुलिस से शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं ली थी। विश्व हिंदू परिषद के जिला सेवा प्रमुख प्रेम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही आरोपी असलम और अंसार की दो दिन की पुलिस कस्टडी भी बढ़ा दी गई है। 

विस्तार

जहांगीरपुरी हिंसा को लेकर आप और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का खेल जारी है। आप नेता आतिशि ने कहा कि जहांगीरपुरी दंगों का मुख्य आरोपी अंसार भाजपा का नेता है। उसने भाजपा की प्रत्याशी संगीता बजाज को चुनाव लड़वाने में प्रमुख भूमिका निभाई थी और भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाता है। इससे साफ होता है कि भाजपा ने ही दंगे करवाए। भाजपा दिल्ली वालों से माफी मांगे। भाजपा गुंडों और लफंगों की पार्टी है।

पीएफआई के एंगल से भी होगी जांच

जहांगीरपुरी हिंसा की जांच में दिल्ली पुलिस जुटी हुई है। इस बीच स्पेशल पुलिस कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) दीपेंद्र पाठक ने कहा कि हिंसा की जांच पीपल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के एंगल से भी होगी। हांलांकि, उन्होंने जांच की जानकारी देने से इनकार किया है। कहा कि पीएफआई के एंगल से भी जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में हथियार के साथ दिख रहे सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है। 

अमित शाह ने कड़ी कार्रवाई के दिए निर्देश

इस हिंसा को लेकर गृह मंत्री अमित शाह ने पुलिस को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। शाह ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई करें जो मिसाल बने। जिससे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। उधर, आरोपी सोनू उर्फ यूनुस के पास से एक अत्याधुनिक पिस्टल बरामद हुई है। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने घटना के दौरान कुशाल चौक के पास अपनी पिस्टल से फायरिंग की थी।

दिल्ली दंगों से जुड़ा है यह बवाल 

जहांगीरपुरी हिंसा पर एक और बड़ा खुलासा हुआ है। जहांगीरपुरी में जिस कुशल चौक, सी-ब्लाक में शोभा यात्रा पर पथराव के बाद हिंसा हुई थी, उस कुशल चौक का 2020 में हुए दिल्ली दंगों का कनेक्शन है। कुशल चौक से करीब सात बसों में भरकर बांग्लादेशी महिलाएं, बच्चों व पुरुषों को शाहीन बाग प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ले जाया गया था। दंगा करने के लिए लोग कुशल चौक से गए थे। दिल्ली पुलिस की जांच में ये बात सामने आई है कि असलम को फायरिंग करने के लिए बदमाश गुल्ली ने भड़काया था। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कोर्ट में जो चार्जशीट दाखिल की है उसमें लिखा हुआ है कि सीएए व एनआरसी के दौरान सी-ब्लाक, कुशल चौक से छह से सात बसों में भरकर अवैध बांग्लादेशी महिलाएं, बच्चों और पुरुषों को शाहीनबाग प्रदर्शन में शामिल करने के लिए ले जाया गया था।

पहले से थी दंगे की साजिश

दिल्ली पुलिस को जो सीसीटीवी फुटेज मिला है, उसमें देखा जा रहा है कि कुछ लोग हमले के लिए लाठियां इकट्ठे कर रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस का कहना है कि शोभायात्रा के दौरान दंगे की साजिश पहले से थी। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने इसे साजिश के तहत जांच कर रही है। 

आयोजकों के खिलाफ केस दर्ज

वहीं, हनुमान जन्मोत्सव पर बिना अनुमति के जुलूस निकालने वाले आयोजकों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल दिल्ली प्रांत, मुखर्जी नगर जिला झंडेवाला के आयोजकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आयोजकों ने पुलिस से शोभायात्रा निकालने की अनुमति नहीं ली थी। विश्व हिंदू परिषद के जिला सेवा प्रमुख प्रेम शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथ ही आरोपी असलम और अंसार की दो दिन की पुलिस कस्टडी भी बढ़ा दी गई है। 

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