नाकाम रहा पुलिस का खुफिया विभाग. पहले से थी उपद्रव की आशंका

सार

ऐसे में इसे दिल्ली पुलिस की खुफिया विभाग की असफलता बताया जा रहा है।  के ब्लॉक के रहने वाले राजबीर ने सवाल किया कि शोभायात्रा निकालते और उसकी तैयारी करते वक्त दंगा होने की आशंका पहले से ही थी तो पुलिस को इस बारे में क्यों नही पता चला।

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दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि उपद्रव होने की आशंका पहले से ही थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में इसे दिल्ली पुलिस की खुफिया विभाग की असफलता बताया जा रहा है।  के ब्लॉक के रहने वाले राजबीर ने सवाल किया कि शोभायात्रा निकालते और उसकी तैयारी करते वक्त दंगा होने की आशंका पहले से ही थी तो पुलिस को इस बारे में क्यों नही पता चला।

500 मीटर तक बिखरी थीं ईंटें, कांच और पत्थर 
शोभायात्रा में शामिल लोगों पर हमले के बाद सड़क पर करीब 500 मीटर तक कांच, पत्थर व ईंटें बिखरी थीं। सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर इतनी मात्रा में कांच की बोतलें व पत्थर कहां से आ गए। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जहांगीरपुरी के सी-ब्लॉक में जब शोभायात्रा धार्मिक स्थल के पास से गुजर रही थी तभी उपद्रव हो गया। यहां दोनों पक्षों के लोगों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया था।

उपद्रव शुरू होते ही चारों तरफ भगदड़ मच गई थी। लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह देख रहे थे। एच ब्लॉक में रहने वाले मनीष ने बताया कि साजिश के तहत उपद्रव हुआ है। एक समुदाय ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। हथियार, बोतल व पत्थरों को एकत्रित किया गया था। घटनास्थल के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि उपद्रव करना पूरी तरह नियोजित था। 

सियासी संवाद..
भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाएगा और जांच करेगा। मैं स्वयं ग्रह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करूंगा। मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को आप बिजली पानी मुहैया क्यों करा रहे हैं।         
-आदेश गुप्ता, प्रदेश   भाजपा अध्यक्ष 

यह घटना रामनवमी के बाद हनुमान जन्मोत्सव पर साम्प्रदायिक तनाव फैलान की कोई बड़ी साजिश है।दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। -रामवीर सिंह बिधूड़ी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष

अवाम से अपील है की शांति और भाईचारे को मजबूती से बनाए रखें। घटना दुखद है। कुछ नफरती लोग दिल्ली और देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं।       -अमानतुल्ला खान, आप विधायक 

कब क्या हुआ

  • 3:30 बजे दोपहर : जहांगीरपुरी से शोभायात्रा शुरू हुई 
  • 4:30 बजे शाम  :  रास्ते में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए
  • शाम 6:20 बजे – शोभायात्रा उपद्रव वाली जगह पर पहुंची
  • शाम 6:30 बजे- उपद्रव सी-ब्लॉक, जे, पी और 100 नंबर गली तक पहुंच गया
  • शाम 6: 40 बजे- पुलिस को सूचना दी गई
  • शाम 6:42 बजे – दमकल विभाग को सूचना दी गई
  • शाम 7:00 बजे- पुलिस बल मौके पर पहुंचा
  • रात 8:00 बजे- तक पुलिस ने उपद्रव को काबू किया
  • रात 8:15 बजे- घायल दो पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • रात 9.00 बजे- तक माहौल पूरी तरह शांत हो गया
राजधानी की सुरक्षा का जिम्मा उठाए केंद्र सरकार
हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर शनिवार शाम जहांगीरपुरी इलाके में दो समुदायों के बीच पथराव के बाद दिल्ली की सियासत भी गरमा गई है। शांति कायम रखने की अपील करने के साथ ही सभी पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर जिम्मेदारी का ठीकरा फोड़ने की कोशिश में जुट गए। आम आदमी पार्टी ने जहां, पूरे मामले को केंद्र सरकार के पाले में डालते हुए खुद पल्ला झाड़ लिया वहीं, भाजपा ने दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने दोनों दलों को कटघरे में खड़ा करते हुए महंगाई और बेरोजगारी सरीखे बुनियादी मसलों से ध्यान बंटाने की कोशिश करार दिया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल से बात की है। उन्होंने शांति व सद्भाव कायम रखने का आश्वासन दिया है। इस मामले के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार व उसके अधीन दिल्ली पुलिस दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखे। केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा शांति बनाए रखे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

वहीं, भाजपा नेता आशीष सूद ने कहा कि निश्चित रूप से दिल्ली पुलिस कार्रवाई करेगी, लेकिन दिल्ली सरकार केंद्र पर ठीकरा फोड़कर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती। एक तरफ तो दिल्ली सरकार दिल्ली पुलिस कमिश्नर को विधानसभा में बुला लेती है तो दूसरी तरफ यह कहती है कि कोई जिम्मेदारी नहीं है। 

उत्तर पश्चिमी जिले का जहांगीरपुरी इलाका बेहद सघन और मिश्रित आबादी वाला है। यहां हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग रहते हैं, जो निम्न व निम्न मध्य वर्ग से आते हैं। बीच-बीच में झुग्गी बस्तियां भी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि हनुमान जन्मोत्सव पर निकाली शोभा यात्रा के दौरान सी-ब्लॉक में जहां बलवा हुआ, वहां बड़ी संख्या में बंाग्लादेशी रहते हैं। इलाका पहले से ही संवदेनशील है।

उत्तर पश्चिमी संसदीय क्षेत्र और बादली विधान सभा का जहांगीरपुरी इलाका डीडीए ने विकसित किया है। इलाके को ब्लॉक के हिसाब से बांटा गया है। इसका विस्तार जहांगीरपुरी ए ब्लॉक से जे ब्लॉक तक है। येेलो लाइन के जहांगीरपुरी मेट्रो स्टेशन से जगजीवनराम हॉस्पिटल की तरफ जाने वाली सड़क यहां पहुंचने का मुख्य मार्ग है।

बीच-बीच में ब्लॉक को जोड़ने वाली उप-सड़कें हैं। यह एक से जे ब्लॉक को अलग-अलग हिस्सों बांटती है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सी-ब्लॉक और एच-टू झुग्गी में बांग्लादेशी आबादी सबसे अधिक है। बी के साथ सी ब्लॉक में भी मुस्लिम आबादी है। वहीं, जी व एच ब्लॉक में हिंदू आबादी है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बलवा सी ब्लॉक के मंगल बाजार से कुशल सिनेमा के बीच हुआ। यहां की मुस्लिम आबादी ज्यादा है।

प्रत्यक्षदर्शी बताते हैं कि शाम करीब छह बजे शोभा यात्रा सी-ब्लॉक के कुशल सिनेमा से मंगल बाजार को जोड़ने वाली सड़क से गुजर रही थी। इस बीच पथराव होने लगा। इसके बाद हालात बिगड़ गए। दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी और हथियार भी लहराए गए। 

अचानक होने लगी पत्थरबाजी
मौके पर मौजूद नीरज कुमार ने बताया कि शाम करीब छह बजे शोभा यात्रा निकाली गई थी। सब-कुछ शांतिपूर्वक चल रहा था। कुशल सिनेमा से गुजरते वक्त अचानक पत्थरबाजी होने लगी। इससे हिंसा भड़क गई। इलाके में मछली का कारोबार करने वाले सोहन कुमार ने बताया कि शोभा यात्रा शांति पूर्वक निकल रही थी। पत्थरबाजी होने से हिंसा भड़की है। एक महिला ने बताया कि हम लोग बाजार गए थे। वापस घर लौटे दस मिनट भी नहीं हुए थे कि दरवाजे के सामने पत्थर गिरने लगे। कुछ समझ में आता, उससे पहले नारेबाजी शुरू हो गई। हम सब  सहम गए थे। पुलिस के पहुंचने पर थोड़ी राहत मिली।

विस्तार

दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ सूत्रों का कहना है कि उपद्रव होने की आशंका पहले से ही थी, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया। ऐसे में इसे दिल्ली पुलिस की खुफिया विभाग की असफलता बताया जा रहा है।  के ब्लॉक के रहने वाले राजबीर ने सवाल किया कि शोभायात्रा निकालते और उसकी तैयारी करते वक्त दंगा होने की आशंका पहले से ही थी तो पुलिस को इस बारे में क्यों नही पता चला।

500 मीटर तक बिखरी थीं ईंटें, कांच और पत्थर 

शोभायात्रा में शामिल लोगों पर हमले के बाद सड़क पर करीब 500 मीटर तक कांच, पत्थर व ईंटें बिखरी थीं। सवाल ये खड़ा होता है कि आखिर इतनी मात्रा में कांच की बोतलें व पत्थर कहां से आ गए। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जहांगीरपुरी के सी-ब्लॉक में जब शोभायात्रा धार्मिक स्थल के पास से गुजर रही थी तभी उपद्रव हो गया। यहां दोनों पक्षों के लोगों ने नारेबाजी करना शुरू कर दिया था।

उपद्रव शुरू होते ही चारों तरफ भगदड़ मच गई थी। लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित जगह देख रहे थे। एच ब्लॉक में रहने वाले मनीष ने बताया कि साजिश के तहत उपद्रव हुआ है। एक समुदाय ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। हथियार, बोतल व पत्थरों को एकत्रित किया गया था। घटनास्थल के पास रहने वाले लोगों ने बताया कि उपद्रव करना पूरी तरह नियोजित था। 

सियासी संवाद..

भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल मौके पर जाएगा और जांच करेगा। मैं स्वयं ग्रह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करूंगा। मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को आप बिजली पानी मुहैया क्यों करा रहे हैं।         

-आदेश गुप्ता, प्रदेश   भाजपा अध्यक्ष 

यह घटना रामनवमी के बाद हनुमान जन्मोत्सव पर साम्प्रदायिक तनाव फैलान की कोई बड़ी साजिश है।दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। -रामवीर सिंह बिधूड़ी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष

अवाम से अपील है की शांति और भाईचारे को मजबूती से बनाए रखें। घटना दुखद है। कुछ नफरती लोग दिल्ली और देश का माहौल बिगाड़ना चाहते हैं।       -अमानतुल्ला खान, आप विधायक 

कब क्या हुआ

  • 3:30 बजे दोपहर : जहांगीरपुरी से शोभायात्रा शुरू हुई 
  • 4:30 बजे शाम  :  रास्ते में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए
  • शाम 6:20 बजे – शोभायात्रा उपद्रव वाली जगह पर पहुंची
  • शाम 6:30 बजे- उपद्रव सी-ब्लॉक, जे, पी और 100 नंबर गली तक पहुंच गया
  • शाम 6: 40 बजे- पुलिस को सूचना दी गई
  • शाम 6:42 बजे – दमकल विभाग को सूचना दी गई
  • शाम 7:00 बजे- पुलिस बल मौके पर पहुंचा
  • रात 8:00 बजे- तक पुलिस ने उपद्रव को काबू किया
  • रात 8:15 बजे- घायल दो पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया
  • रात 9.00 बजे- तक माहौल पूरी तरह शांत हो गया
राजधानी की सुरक्षा का जिम्मा उठाए केंद्र सरकार

हनुमान जन्मोत्सव के मौके पर शनिवार शाम जहांगीरपुरी इलाके में दो समुदायों के बीच पथराव के बाद दिल्ली की सियासत भी गरमा गई है। शांति कायम रखने की अपील करने के साथ ही सभी पार्टियों के नेता एक-दूसरे पर जिम्मेदारी का ठीकरा फोड़ने की कोशिश में जुट गए। आम आदमी पार्टी ने जहां, पूरे मामले को केंद्र सरकार के पाले में डालते हुए खुद पल्ला झाड़ लिया वहीं, भाजपा ने दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस ने दोनों दलों को कटघरे में खड़ा करते हुए महंगाई और बेरोजगारी सरीखे बुनियादी मसलों से ध्यान बंटाने की कोशिश करार दिया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के उपराज्यपाल से बात की है। उन्होंने शांति व सद्भाव कायम रखने का आश्वासन दिया है। इस मामले के दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार व उसके अधीन दिल्ली पुलिस दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखे। केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है कि सुरक्षा शांति बनाए रखे। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

वहीं, भाजपा नेता आशीष सूद ने कहा कि निश्चित रूप से दिल्ली पुलिस कार्रवाई करेगी, लेकिन दिल्ली सरकार केंद्र पर ठीकरा फोड़कर अपना पल्ला नहीं झाड़ सकती। एक तरफ तो दिल्ली सरकार दिल्ली पुलिस कमिश्नर को विधानसभा में बुला लेती है तो दूसरी तरफ यह कहती है कि कोई जिम्मेदारी नहीं है। 

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