नकली भारतीय नोटों की तस्करी: नेपाली नागरिक को पांच साल की कठोर कारावास की सजा

सार

यह मामला 2014 में नई दिल्ली में आईजीआई हवाई अड्डे से राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा 49,88,000 रुपये के अंकित मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय मुद्रा नोटों की जब्ती से संबंधित है। एनआईए ने जून, 2014  में फिर से मामला दर्ज किया था।

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एनआईए की विशेष अदालत ने नकली भारतीय नोटों की तस्करी के लिए नेपाली नागरिक को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

यह मामला 2014 में नई दिल्ली में आईजीआई हवाई अड्डे से राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा 49,88,000 रुपये के अंकित मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय मुद्रा नोटों की जब्ती से संबंधित है। एनआईए ने जून, 2014  में फिर से मामला दर्ज किया था।

जनवरी 2015 में दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाय किया गया था। इसके बाद नवंबर 2017 में तीन आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया गया था। एनआईए की विशेष अदालत ने मामले में नेपाल के बारा निवासी अबी मोहम्मद अंसारी को दोषी ठहराया था।

पोंजी योजना घोटाला मामले में आरोपी पर्ल्स ग्रुप के एक निदेशक को जमानत
अदालत ने पोंजी योजना घोटाला मामले में आरोपी पर्ल्स ग्रुप के एक निदेशकों को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने कहा न तो आरोपी के भागने की संभावना है और न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है।

विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने पर्ल्स ग्रुप के कानूनी मामलों के निदेशक चंदर भूषण ढिल्लों को एक लाख के निजी मुचलके व एक अन्य जमान राशि पर जमानत प्रदान की है। साथ ही आरोपी को अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने के लिए कहा है।

ढिल्लों और अन्य निदेशकों को सीबीआई ने दिसंबर 2021 में पर्ल्स ग्रुप के खिलाफ दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई के अनुसार समूह ने कई पोंजी योजनाएं शुरू कीं और देश भर के 55 मिलियन निवेशकों से लगभग 60,000 करोड़ रुपये एकत्र किए।

विस्तार

एनआईए की विशेष अदालत ने नकली भारतीय नोटों की तस्करी के लिए नेपाली नागरिक को पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 2,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। 

यह मामला 2014 में नई दिल्ली में आईजीआई हवाई अड्डे से राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा 49,88,000 रुपये के अंकित मूल्य के उच्च गुणवत्ता वाले भारतीय मुद्रा नोटों की जब्ती से संबंधित है। एनआईए ने जून, 2014  में फिर से मामला दर्ज किया था।

जनवरी 2015 में दो आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाय किया गया था। इसके बाद नवंबर 2017 में तीन आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया गया था। एनआईए की विशेष अदालत ने मामले में नेपाल के बारा निवासी अबी मोहम्मद अंसारी को दोषी ठहराया था।

पोंजी योजना घोटाला मामले में आरोपी पर्ल्स ग्रुप के एक निदेशक को जमानत

अदालत ने पोंजी योजना घोटाला मामले में आरोपी पर्ल्स ग्रुप के एक निदेशकों को जमानत प्रदान कर दी। अदालत ने कहा न तो आरोपी के भागने की संभावना है और न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ की संभावना है।

विशेष न्यायाधीश संजीव अग्रवाल ने पर्ल्स ग्रुप के कानूनी मामलों के निदेशक चंदर भूषण ढिल्लों को एक लाख के निजी मुचलके व एक अन्य जमान राशि पर जमानत प्रदान की है। साथ ही आरोपी को अदालत की अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ने के लिए कहा है।

ढिल्लों और अन्य निदेशकों को सीबीआई ने दिसंबर 2021 में पर्ल्स ग्रुप के खिलाफ दर्ज एक मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। सीबीआई के अनुसार समूह ने कई पोंजी योजनाएं शुरू कीं और देश भर के 55 मिलियन निवेशकों से लगभग 60,000 करोड़ रुपये एकत्र किए।

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