दिल्ली के ईएमसी करिकुलम को भूटान ने लागू करने की जिज्ञासा दिखाई

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Wed, 20 Apr 2022 06:12 AM IST

सार

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि भूटान के साथ शैक्षिक आदान-प्रदान भारत-भूटान के रिश्तों में साबित होगा मील का पत्थर। 

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दिल्ली सरकार के स्कूलों के एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (ईएमसी) को समझते हुए भूटान ने इसे अपने स्कूलों में शामिल करने की जिज्ञासा दिखाई है। मंगलवार को शिक्षा निदेशालय की ओर से भूटान के शिक्षा विभाग के लोगों के लिए उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में एक ओरिएंटेशन सेशन का आयोजन किया गया। इस सेशन में उन्हें एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम के क्रियान्वयन व उसकी सफलता केविषय में जानकारी दी। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शैक्षिक आदान-प्रदान से दोनों देश के संबंधों को मजबूती मिलेगी और दोनों देशों को एक दूसरे से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सिसोदिया ने कहा कि एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम व शैक्षिक आदान-प्रदान भारत-भूटान के रिश्तों में एक नया मील का पत्थर साबित होगा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के इस आदान-प्रदान में हमने भूटान से भी सीखा है। हैप्पीनेस करिकुलम शुरू करने में हमारी प्रेरणा का स्रोत भूटान भी रहा था। साथ ही भूटान के इंक्लूसिव असेसमेंट सिस्टम से भी हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। 

इस सत्र में भूटान के डिपार्टमेंट ऑफ़ करिकुलम एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट के निदेशक वांगपो तेनजिन ने कहा कि दिल्ली के माइंडसेट प्रोग्राम का हम भूटान में स्वागत करते है। कोरोना ने हम सभी को अनिश्चितता का सबक सिखाया है, ऐसे में ईएमसी हमारे युवाओं केलिए महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे पाठ्यक्रम हमारे छात्रों के कौशल और आइडियाज को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। 

इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भूटान में भारत के डिप्टी चीफ ऑफ़ मिशन नितिन सुभाष येओला, भूटान के डिपार्टमेंट ऑफ़ करिकुलम एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट के निदेशक वांगपो तेनजिन, भूटान के एंत्रप्रेन्योरशिप एंड सेल्फ एम्प्लॉयमेंट डिवीजन के चीफ किनले दोरजी, दिल्ली के शिक्षा सचिव एच, राजेश प्रसाद, शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। 

विस्तार

दिल्ली सरकार के स्कूलों के एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम (ईएमसी) को समझते हुए भूटान ने इसे अपने स्कूलों में शामिल करने की जिज्ञासा दिखाई है। मंगलवार को शिक्षा निदेशालय की ओर से भूटान के शिक्षा विभाग के लोगों के लिए उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया की अध्यक्षता में एक ओरिएंटेशन सेशन का आयोजन किया गया। इस सेशन में उन्हें एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम के क्रियान्वयन व उसकी सफलता केविषय में जानकारी दी। 

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शैक्षिक आदान-प्रदान से दोनों देश के संबंधों को मजबूती मिलेगी और दोनों देशों को एक दूसरे से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। सिसोदिया ने कहा कि एंत्रप्रेन्योरशिप माइंडसेट करिकुलम व शैक्षिक आदान-प्रदान भारत-भूटान के रिश्तों में एक नया मील का पत्थर साबित होगा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के इस आदान-प्रदान में हमने भूटान से भी सीखा है। हैप्पीनेस करिकुलम शुरू करने में हमारी प्रेरणा का स्रोत भूटान भी रहा था। साथ ही भूटान के इंक्लूसिव असेसमेंट सिस्टम से भी हमें बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। 

इस सत्र में भूटान के डिपार्टमेंट ऑफ़ करिकुलम एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट के निदेशक वांगपो तेनजिन ने कहा कि दिल्ली के माइंडसेट प्रोग्राम का हम भूटान में स्वागत करते है। कोरोना ने हम सभी को अनिश्चितता का सबक सिखाया है, ऐसे में ईएमसी हमारे युवाओं केलिए महत्वपूर्ण हो सकता है। ऐसे पाठ्यक्रम हमारे छात्रों के कौशल और आइडियाज को बेहतर बनाने में मदद करेंगे। 

इस ओरिएंटेशन कार्यक्रम में भूटान में भारत के डिप्टी चीफ ऑफ़ मिशन नितिन सुभाष येओला, भूटान के डिपार्टमेंट ऑफ़ करिकुलम एंड प्रोफेशनल डेवलपमेंट के निदेशक वांगपो तेनजिन, भूटान के एंत्रप्रेन्योरशिप एंड सेल्फ एम्प्लॉयमेंट डिवीजन के चीफ किनले दोरजी, दिल्ली के शिक्षा सचिव एच, राजेश प्रसाद, शिक्षा निदेशक हिमांशु गुप्ता समेत अन्य अधिकारी शामिल रहे। 

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