तकनीकी सहायता का झांसा देकर अमेरिकियों से ठगी में 9 गिरफ्तार, चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर

सार

जिला पुलिस उपायुक्त घनश्याम बंसल ने बताया कि साइबर सेल को नारायणा इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने की जानकारी मिली थी।

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पश्चिम जिला साइबर सेल ने नारायणा में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने संचालक समेत कॉल सेंटर में काम करने वाले नौ कर्मियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जीमेल, माइक्रोसॉफ्ट के उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता देने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों को ठगते थे। पुलिस ने कॉल सेंटर से 13 डेस्कटॉप, तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और एक इंटरनेट राउटर बरामद किया है।

जिला पुलिस उपायुक्त घनश्याम बंसल ने बताया कि साइबर सेल को नारायणा इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने की जानकारी मिली थी। छानबीन करने पर पुलिस को पता चला कि यहां पर आरोपी जीमेल, माइक्रोसॉफ्ट के उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता प्रदान करने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं।

खासकर अमेरिकी नागरिकों को शिकार बनाया जा रहा है। निरीक्षक रवींद्र अहलावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 28 अप्रैल को फर्जी कॉल सेंटर पर छापे मारकर नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी नारायणा और आस पास के इलाके के रहने वाले हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों को पीड़ितों के साथ बातचीत करते हुए पाया। जांच में पता चला कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों के डेटा लेकर अवैध तकनीकों और वीओआइपी कॉलिंग का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दे रहे थे। आरोपी स्क्रीन पर नकली पॉप-अप चलाते थे, ताकि उन्हें विश्वास में लिया जा सके।

50 हजार का इनामी गांजा तस्कर गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य आरोपी व सप्लायर को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी सुनील अदकटिया की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है।  गिरोह ओडिसा व आंध्रप्रदेश के सुदूर वन सीमा क्षेत्र से संचालित होता था और पूरे उत्तर भारत में गांजे की सप्लाई करता था। अपराध शाखा डीसीपी दीपक यादव के अनुसार अपराध शाखा ने तुगलकाबाद एरिया से 3 जुलाई, 2021 को अली हुसैन और मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से ट्रक में रखे गांजे के सात बैग बरामद किए गए थे। बाद में ट्रक मालिक योगेंद्र और गांजे की खेप लेने वाले अमर सिंह उर्फ पप्पी को गिरफ्तार किया गया था।  जांच में पता लगा कि इन लोगों को उड़ीसा निवासी सुनील अदकाटिया इनको गांजा सप्लाई करता है। वह नक्सल प्रभावित इलाके से गांजा सप्लाई करता था। आरोपी के गांव में दबिश दी गई, मगर आरोपी गांव से फरार मिला। इसके बाद इसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए थे।

विदेशी मुद्रा की तस्करी में एयरपोर्ट एक यात्री गिरफ्तार
इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने विदेशी मुद्रा की तस्करी करने वाले एक यात्री को पकड़ा है। आरोपी के पास से 59 लाख रुपये कीमत की विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। यात्री को कस्टम विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। कस्टम विभाग के अधिकारी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। सीआईएसएफ के प्रवक्ता अपूर्व पांडेय ने बताया कि 27 अप्रैल की रात करीब दस बजे इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल तीन पर सीआईएसएफ के निगरानी दस्ता ने  एक यात्री को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा। शक होने पर सीआईएसएफ के जवानों ने उसे प्रस्थान गेट नंबर 3 के पास रोक लिया और उसके बैग को कब्जे में ले लिया।

जवानों ने एक्सरे मशीन पर बैग की जांच की। बैग के अंदर संदिग्ध वस्तु दिखा। जवानों ने बैग को खोलकर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग के निचले तल में छिपाकर रखे गए 22 हजार यूएस डॉलर और दो लाख यूएई दिरहम मिले। अधिकारियों ने बताया कि बरामद विदेशी मुद्रा की कीमत 59 लाख रुपये आंकी गई है।

विस्तार

पश्चिम जिला साइबर सेल ने नारायणा में चल रहे एक फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने संचालक समेत कॉल सेंटर में काम करने वाले नौ कर्मियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी जीमेल, माइक्रोसॉफ्ट के उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता देने का झांसा देकर अमेरिकी नागरिकों को ठगते थे। पुलिस ने कॉल सेंटर से 13 डेस्कटॉप, तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और एक इंटरनेट राउटर बरामद किया है।

जिला पुलिस उपायुक्त घनश्याम बंसल ने बताया कि साइबर सेल को नारायणा इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने की जानकारी मिली थी। छानबीन करने पर पुलिस को पता चला कि यहां पर आरोपी जीमेल, माइक्रोसॉफ्ट के उपयोगकर्ताओं को तकनीकी सहायता प्रदान करने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं।

खासकर अमेरिकी नागरिकों को शिकार बनाया जा रहा है। निरीक्षक रवींद्र अहलावत के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 28 अप्रैल को फर्जी कॉल सेंटर पर छापे मारकर नौ लोगों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी नारायणा और आस पास के इलाके के रहने वाले हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों को पीड़ितों के साथ बातचीत करते हुए पाया। जांच में पता चला कि आरोपी अमेरिकी नागरिकों के डेटा लेकर अवैध तकनीकों और वीओआइपी कॉलिंग का इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दे रहे थे। आरोपी स्क्रीन पर नकली पॉप-अप चलाते थे, ताकि उन्हें विश्वास में लिया जा सके।

50 हजार का इनामी गांजा तस्कर गिरफ्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मादक पदार्थों की सप्लाई करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के मुख्य आरोपी व सप्लायर को गिरफ्तार किया है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी सुनील अदकटिया की गिरफ्तारी पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। कोर्ट ने आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर रखा है।  गिरोह ओडिसा व आंध्रप्रदेश के सुदूर वन सीमा क्षेत्र से संचालित होता था और पूरे उत्तर भारत में गांजे की सप्लाई करता था। अपराध शाखा डीसीपी दीपक यादव के अनुसार अपराध शाखा ने तुगलकाबाद एरिया से 3 जुलाई, 2021 को अली हुसैन और मुकेश कुमार को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से ट्रक में रखे गांजे के सात बैग बरामद किए गए थे। बाद में ट्रक मालिक योगेंद्र और गांजे की खेप लेने वाले अमर सिंह उर्फ पप्पी को गिरफ्तार किया गया था।  जांच में पता लगा कि इन लोगों को उड़ीसा निवासी सुनील अदकाटिया इनको गांजा सप्लाई करता है। वह नक्सल प्रभावित इलाके से गांजा सप्लाई करता था। आरोपी के गांव में दबिश दी गई, मगर आरोपी गांव से फरार मिला। इसके बाद इसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए गए थे।

विदेशी मुद्रा की तस्करी में एयरपोर्ट एक यात्री गिरफ्तार

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर तैनात केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के जवानों ने विदेशी मुद्रा की तस्करी करने वाले एक यात्री को पकड़ा है। आरोपी के पास से 59 लाख रुपये कीमत की विदेशी मुद्रा बरामद हुई है। यात्री को कस्टम विभाग के अधिकारियों को सौंप दिया गया है। कस्टम विभाग के अधिकारी आगे की कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। सीआईएसएफ के प्रवक्ता अपूर्व पांडेय ने बताया कि 27 अप्रैल की रात करीब दस बजे इंदिरा गांधी हवाई अड्डे के टर्मिनल तीन पर सीआईएसएफ के निगरानी दस्ता ने  एक यात्री को संदिग्ध हालत में घूमते हुए देखा। शक होने पर सीआईएसएफ के जवानों ने उसे प्रस्थान गेट नंबर 3 के पास रोक लिया और उसके बैग को कब्जे में ले लिया।

जवानों ने एक्सरे मशीन पर बैग की जांच की। बैग के अंदर संदिग्ध वस्तु दिखा। जवानों ने बैग को खोलकर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बैग के निचले तल में छिपाकर रखे गए 22 हजार यूएस डॉलर और दो लाख यूएई दिरहम मिले। अधिकारियों ने बताया कि बरामद विदेशी मुद्रा की कीमत 59 लाख रुपये आंकी गई है।

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