कोरोना वैक्सीन से डर कैसा…ये जरूरी है, कई संगठन कर रहे हैं जागरूक

सार

टीका ही बचाएगा, यह स्लोगन नहीं, सच्चाई है। जब भी कोरोना की लहर आती है सबसे पहले बच्चे घरों में कैद हो जाते हैं। पार्क सूने हो जाते हैं, पढ़ाई बाधित होती है तो हर किसी को यह डर सताता है कि कहीं बच्चे संक्रमित नहीं हो जाएं। ऐसे में बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है।

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राजधानी में कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढ़ रहा है। अभी तक इससे बचने का इकलौता उपाय टीकाकरण है। टीका ही बचाएगा, यह स्लोगन नहीं, सच्चाई है। जब भी कोरोना की लहर आती है सबसे पहले बच्चे घरों में कैद हो जाते हैं। पार्क सूने हो जाते हैं, पढ़ाई बाधित होती है तो हर किसी को यह डर सताता है कि कहीं बच्चे संक्रमित नहीं हो जाएं। ऐसे में बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है। पोलियों का टीका लगवाते हैं तो कोरोना वैक्सीन से डर कैसा। इसे लेकर कई संगठन यहां तक कि व्यक्तिगत रूप से भी लोग जागरूक कर रहे हैं और यह जरूरी भी है। पेश है इन्हीं लोगों से बातचीत पर आधारित रिपोर्ट…

इससे कोई नुकसान नहीं
जन्म के साथ ही बच्चों को कई तरह के टीके लगाए जाते हैं। पोलियो का टीका भी लगवाया जाता है, जबकि सभी को पता है कि पोलियो होना नहीं है। कोरोना संक्रमण तो हर किसी को हो सकता है, इसलिए इसके बचाव में टीका लगवाना आवश्यक है। अब तो बच्चे घर से बाहर निकलने लगे हैं, इसलिए भी यह बेहद जरूरी है। बच्चों के माता-पिता को भी समझा रही हूं कि इसका कोई नुकसान नहीं है। डॉक्टर अपने बच्चों का टीका पहली कतार में लगकर लगा रहे हैं। अब तो लोग बूस्टर डोज लगवाने लगे हैं। ऑनलाइन भी लोगों को टिप्स दे रही हूं कि बच्चों का टीकाकरण बहुत जरूरी है।  
– डॉ. शिखा

किताबें बांटकर कर रहे जागरूक
टीका ही बचाएगा मुहिम के तहत झुग्गियों के बच्चों के बीच अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत बच्चों के बीच जाकर किताबें बांटी जा रही हैं। इस माध्यम से बच्चों के माता-पिता को यह समझाया जा रहा है कि टीका लगना बहुत जरूरी है। हाफिज नगर, जनता कैंप, प्रगति मैदान गेट नंबर एक के सामने झुग्गी में अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इसमें एक बाधा यह भी है कि जिन बच्चों के माता-पिता के पास आधार कार्ड नहीं है, उन्हें यह टीका नहीं लगा पा रहा है। झुग्गियों में रहने वाले कई ऐसे लोग हैं, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। स्कूल जाने वाले बच्चों को तो टीका लग रहा है, लेकिन जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं उनका टीका केंद्र तक पहुंचाना बेहद मुश्किल है।
– नीतू सिंह सबकी पाठशाला की संचालक

बच्चों के लिए शिविर लगाने के प्रयास में आरडब्ल्यूए
कोरोना संक्रमण फिर फैल रहा है, इसलिए ना केवल बड़ों को बूस्टर डोज, बल्कि बच्चों को भी टीका लगवाना आवश्यक है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से कोशिश की जा रही है कि सोसायटी में शिविर लगाया जा सके। जिला प्रशासन से इस संबंध में बातचीत की जा रही है। बूस्टर डोज देने के लिए आवेदन की स्वीकृति मिल गई है। बच्चों के लिए भी शिविर लगवाने का प्रयास जारी है। इसके साथ ही, बच्चों के माता-पिता को भी उन्हें टीका दिलवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घर में काम करने वाली सेविकाओं से भी कोरोना के टीके लगवाने की अपील की जा रही है।
– प्रो.चंद्रचूड़ सिंह, मुखर्जी नगर आरडब्ल्यूए

विस्तार

राजधानी में कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढ़ रहा है। अभी तक इससे बचने का इकलौता उपाय टीकाकरण है। टीका ही बचाएगा, यह स्लोगन नहीं, सच्चाई है। जब भी कोरोना की लहर आती है सबसे पहले बच्चे घरों में कैद हो जाते हैं। पार्क सूने हो जाते हैं, पढ़ाई बाधित होती है तो हर किसी को यह डर सताता है कि कहीं बच्चे संक्रमित नहीं हो जाएं। ऐसे में बच्चों को टीका लगवाने के लिए प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है। पोलियों का टीका लगवाते हैं तो कोरोना वैक्सीन से डर कैसा। इसे लेकर कई संगठन यहां तक कि व्यक्तिगत रूप से भी लोग जागरूक कर रहे हैं और यह जरूरी भी है। पेश है इन्हीं लोगों से बातचीत पर आधारित रिपोर्ट…

इससे कोई नुकसान नहीं

जन्म के साथ ही बच्चों को कई तरह के टीके लगाए जाते हैं। पोलियो का टीका भी लगवाया जाता है, जबकि सभी को पता है कि पोलियो होना नहीं है। कोरोना संक्रमण तो हर किसी को हो सकता है, इसलिए इसके बचाव में टीका लगवाना आवश्यक है। अब तो बच्चे घर से बाहर निकलने लगे हैं, इसलिए भी यह बेहद जरूरी है। बच्चों के माता-पिता को भी समझा रही हूं कि इसका कोई नुकसान नहीं है। डॉक्टर अपने बच्चों का टीका पहली कतार में लगकर लगा रहे हैं। अब तो लोग बूस्टर डोज लगवाने लगे हैं। ऑनलाइन भी लोगों को टिप्स दे रही हूं कि बच्चों का टीकाकरण बहुत जरूरी है।  

– डॉ. शिखा

किताबें बांटकर कर रहे जागरूक

टीका ही बचाएगा मुहिम के तहत झुग्गियों के बच्चों के बीच अभियान चला रहे हैं, जिसके तहत बच्चों के बीच जाकर किताबें बांटी जा रही हैं। इस माध्यम से बच्चों के माता-पिता को यह समझाया जा रहा है कि टीका लगना बहुत जरूरी है। हाफिज नगर, जनता कैंप, प्रगति मैदान गेट नंबर एक के सामने झुग्गी में अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि, इसमें एक बाधा यह भी है कि जिन बच्चों के माता-पिता के पास आधार कार्ड नहीं है, उन्हें यह टीका नहीं लगा पा रहा है। झुग्गियों में रहने वाले कई ऐसे लोग हैं, जिनके पास आधार कार्ड नहीं है। स्कूल जाने वाले बच्चों को तो टीका लग रहा है, लेकिन जो बच्चे स्कूल नहीं जा रहे हैं उनका टीका केंद्र तक पहुंचाना बेहद मुश्किल है।

– नीतू सिंह सबकी पाठशाला की संचालक

बच्चों के लिए शिविर लगाने के प्रयास में आरडब्ल्यूए

कोरोना संक्रमण फिर फैल रहा है, इसलिए ना केवल बड़ों को बूस्टर डोज, बल्कि बच्चों को भी टीका लगवाना आवश्यक है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन की तरफ से कोशिश की जा रही है कि सोसायटी में शिविर लगाया जा सके। जिला प्रशासन से इस संबंध में बातचीत की जा रही है। बूस्टर डोज देने के लिए आवेदन की स्वीकृति मिल गई है। बच्चों के लिए भी शिविर लगवाने का प्रयास जारी है। इसके साथ ही, बच्चों के माता-पिता को भी उन्हें टीका दिलवाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। घर में काम करने वाली सेविकाओं से भी कोरोना के टीके लगवाने की अपील की जा रही है।

– प्रो.चंद्रचूड़ सिंह, मुखर्जी नगर आरडब्ल्यूए

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