कोरोना के बढ़ते मामलों ने व्यापारियों की बढ़ाई चिंता, डीडीएमए से की अपील, ज्यादा सख्ती लागू नहीं करें

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Wed, 20 Apr 2022 12:28 AM IST

सार

कोरोना का वैरिएंट कितना असरकारक है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कह चुके हैं कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। बृजेश गोयल ने यह भी कहा कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर कोविड वैक्सीन लग चुकी है।

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कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर व्यापारी वर्ग में चिंता बढ़ गई है। व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) से गुहार लगाई है कि दिल्ली में ज्यादा सख्ती लागू नहीं करें। तर्क दिया है कि कोरोना के मामले जरूर बढ़ रहे हैं, लेकिन वो खतरनाक नहीं है। अस्पतालों में बेड नहीं भर रहे हैं। मास्क की अनिवार्यता जरूर बढ़ाया जाना चाहिए।

बुधवार को डीडीएमए की बैठक होनी है। व्यापारियों को डर सताने लगा है कि कोरोना की वर्तमान स्थिति और हालात को देखते हुए फिर से सख्त पाबंदियां ना लगा दी जाए। इसे लेकर सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है बड़ी मुश्किल से व्यापार पटरी पर लौटा है। शादी-विवाह भी शुरू हो गए हैं। यदि कोई पाबंदी लगी, तो व्यापार का नुकसान होगा। किसी तरह की पाबंदी लगाने के पहले यह जरूर देखा जाए कि अस्पतालों में कितने बिस्तर भरे हैं। 

कोरोना का वैरिएंट कितना असरकारक है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कह चुके हैं कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। बृजेश गोयल ने यह भी कहा कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर कोविड वैक्सीन लग चुकी है। इम्युनिटी भी स्ट्रांग हुई है। सिर्फ केस बढ़ने के आधार पर फैसला नहीं लिया जाए। अगर जरूरी हो तो डीडीएमए मास्क पहनना अनिवार्य करें, लेकिन मास्क नहीं पहनने पर 2000 रूपये का चालान ना हो। आग्रह किया है कि अभी व्यापार पर ज्यादा सख्ती नहीं की जाए। इससे कारोबारी और कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान होगा। सरकार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

विस्तार

कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामले को लेकर व्यापारी वर्ग में चिंता बढ़ गई है। व्यापारिक संगठन चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) ने दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) से गुहार लगाई है कि दिल्ली में ज्यादा सख्ती लागू नहीं करें। तर्क दिया है कि कोरोना के मामले जरूर बढ़ रहे हैं, लेकिन वो खतरनाक नहीं है। अस्पतालों में बेड नहीं भर रहे हैं। मास्क की अनिवार्यता जरूर बढ़ाया जाना चाहिए।

बुधवार को डीडीएमए की बैठक होनी है। व्यापारियों को डर सताने लगा है कि कोरोना की वर्तमान स्थिति और हालात को देखते हुए फिर से सख्त पाबंदियां ना लगा दी जाए। इसे लेकर सीटीआई के चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा है बड़ी मुश्किल से व्यापार पटरी पर लौटा है। शादी-विवाह भी शुरू हो गए हैं। यदि कोई पाबंदी लगी, तो व्यापार का नुकसान होगा। किसी तरह की पाबंदी लगाने के पहले यह जरूर देखा जाए कि अस्पतालों में कितने बिस्तर भरे हैं। 

कोरोना का वैरिएंट कितना असरकारक है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी कह चुके हैं कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। बृजेश गोयल ने यह भी कहा कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर कोविड वैक्सीन लग चुकी है। इम्युनिटी भी स्ट्रांग हुई है। सिर्फ केस बढ़ने के आधार पर फैसला नहीं लिया जाए। अगर जरूरी हो तो डीडीएमए मास्क पहनना अनिवार्य करें, लेकिन मास्क नहीं पहनने पर 2000 रूपये का चालान ना हो। आग्रह किया है कि अभी व्यापार पर ज्यादा सख्ती नहीं की जाए। इससे कारोबारी और कर्मचारियों का आर्थिक नुकसान होगा। सरकार को भी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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