कार बीमा पॉलिसी के नाम पर ठगी करने वाले आठ गिरफ्तार, सरगना ऐसे सीखा जालसाजी का तरीका

सार

पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करते हुए बताया है कि ठग रियायती दरों पर कार बीमा पॉलिसी देने के नाम पर ठगी करते थे। पकड़े गए आठ आरोपियों में चार महिलाएं हैं। ठग दिल्ली एनसीआर के अलावा अन्य राज्यों के लोगों को भी शिकार बनाते थे।

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उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल ने रियायती दरों पर कार बीमा पॉलिसी देने का झांसा देकर ठगी करने वाले आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी को अंजाम दे रहे थे। आरोपी पॉलिसी बाजार डॉट कॉम से डाटा लेकर लोगों से संपर्क करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में चार महिलाएं हैं जो कॉल सेंटर में टेली कॉलर का काम करती थी। शुरुआती जांच में पता चला आरोपियों ने देश के कई राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बना चुके है। इनके कब्जे से पुलिस ने आठ मोबाइल फोन, लैपटॉप, 12 डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशवपुरम निवासी मोहम्मद रियाज, रोहतास बिहार निवासी अंकित कुमार, विजय नगर निवासी किशन यादव, कादी विहार निवासी मनोरथ, जहांगीरपुरी निवासी पूजा, लवली शर्मा, मॉडल टाउन निवासी नेहा कश्यप और गुड़मंडी निवासी संगीता के रुप में हुई है। उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल को गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल के माध्यम से एक शिकायत मिली। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक महिला का फोन आया था। जिसने कार बीमा एजेंट होने की बात कही और बीमा के नवीनीकरण के लिए कहा। आकर्षक प्रस्ताव के कारण उसने 85 सौ रुपये स्थानांतरित कर  दिए। उसे वाहन के नकली बीमा पॉलिसी का प्रमाण पत्र भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने महिला का नंबर और बैंक खाते की जांच की। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने दिल्ली के केशव नगर में छापेमारी की। पुलिस ने यहां से मोहम्मद रियाज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह दिल्ली के विजय नगर इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाता है। जहां से कार बीमा पॉलिसी दिलाने के नाम पर ठगी की जाती है। पुलिस ने विजय नगर के एक मकान पर छापा मारकर कॉल सेंटर का खुलासा किया और अन्य सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

दो साल कॉल सेंटर में काम के दौरान सीखी तकनीक
जांच में पता चला कि आरोपी रियाज ने अपने दोस्तों के साथ तीन माह पहले ही फर्जी कॉल सेंटर खोला था। वह छतरपुर के एक कॉल सेंटर में 2 साल से काम किया था। जहां उसने कॉल सेंटर चलाने की तकनीक सीखी। उसके बाद वह वहां काम करने वाले हेल्पर अंकित अपने दो पुराने दोस्तों किशन यादव और मनोरथ के साथ मिलकर फर्जी कॉल सेंटर खोलने की योजना बनाई। जनवरी 2022 में विजय नगर डबल स्टोरी में किराए के परिसर में कॉल सेंटर शुरू किया। किशन यादव ने महिला टेलीकॉलर को नौ हजार रुपये के मासिक वेतन पर काम पर रखा। उन्हें वेबसाइटों और लिंक के माध्यम से विभिन्न कंपनियों के बेचे वाहनों का विवरण दिया गया।

साथ ही पॉलिसीबाजार डॉट कॉम जैसी वेबसाइटों से ग्राहकों का डेटा लेते थे। टेली कॉलर बीमा एजेंट बनकर ग्राहकों को कार बीमा के नवीनीकरण के लिए फोन करती थी। वह उन्हें अपनी पॉलिसी को रियायती दरों पर नवीनीकृत करने का लालच देती थीं। ग्राहकों के भेजे पैसे अंकित के खाते में डाले जाते थे और बाद में रकम को  अलग-अलग बैंकों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। मोहम्मद रियाज इस कॉल सेंटर का मालिक था। पुलिस ने बताया कि मोहम्मद रियाज स्नातक तक की पढ़ाई की है वहीं किशन यादव ने एलएलबी की पढ़ाई किया हुआ है। अन्य सभी आरोपी 10वीं या 12वीं पास हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों ने दिल्ली एनसीआर के अलावा सूरत, पश्चिम बंगाल तेलंगाना और बेंगलुरु में रहने वाले लोगों से ठगी की है। पुलिस के पास अन्य राज्यों से भी शिकायत मिली है। पुलिस पूछताछ कर जांच कर रही है।  

विस्तार

उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल ने रियायती दरों पर कार बीमा पॉलिसी देने का झांसा देकर ठगी करने वाले आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी फर्जी कॉल सेंटर चलाकर ठगी को अंजाम दे रहे थे। आरोपी पॉलिसी बाजार डॉट कॉम से डाटा लेकर लोगों से संपर्क करते थे। गिरफ्तार आरोपियों में चार महिलाएं हैं जो कॉल सेंटर में टेली कॉलर का काम करती थी। शुरुआती जांच में पता चला आरोपियों ने देश के कई राज्यों के लोगों को ठगी का शिकार बना चुके है। इनके कब्जे से पुलिस ने आठ मोबाइल फोन, लैपटॉप, 12 डेबिट कार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस उपायुक्त उषा रंगनानी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान केशवपुरम निवासी मोहम्मद रियाज, रोहतास बिहार निवासी अंकित कुमार, विजय नगर निवासी किशन यादव, कादी विहार निवासी मनोरथ, जहांगीरपुरी निवासी पूजा, लवली शर्मा, मॉडल टाउन निवासी नेहा कश्यप और गुड़मंडी निवासी संगीता के रुप में हुई है। उत्तर पश्चिम जिला साइबर सेल को गृह मंत्रालय के साइबर पोर्टल के माध्यम से एक शिकायत मिली। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे एक महिला का फोन आया था। जिसने कार बीमा एजेंट होने की बात कही और बीमा के नवीनीकरण के लिए कहा। आकर्षक प्रस्ताव के कारण उसने 85 सौ रुपये स्थानांतरित कर  दिए। उसे वाहन के नकली बीमा पॉलिसी का प्रमाण पत्र भेजा गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने महिला का नंबर और बैंक खाते की जांच की। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने दिल्ली के केशव नगर में छापेमारी की। पुलिस ने यहां से मोहम्मद रियाज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह दिल्ली के विजय नगर इलाके में एक फर्जी कॉल सेंटर चलाता है। जहां से कार बीमा पॉलिसी दिलाने के नाम पर ठगी की जाती है। पुलिस ने विजय नगर के एक मकान पर छापा मारकर कॉल सेंटर का खुलासा किया और अन्य सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

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