कस्टम क्लीरियेंस के नाम पर देशभर में 100 से ज्यादा लोगों को ठगने वाले गिरफ्तार

सार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने विदेशी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार भारतीय विदेशी को अपना खाता उपलब्ध कराते थे। बैंक खातों में करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है।

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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कस्टम क्लीरियेंस के नाम पर देश भर में लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के विदेशी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देश भर के करीब 100 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं। ये ठगी के लिए करीब 300 मोबाइल फोन इस्तेमल कर रहे थे। दस हजार घरों की जांच के बाद आरोपी गिरफ्त में आए हैं। इनके कब्जे से सात महंगे मोबाइल, दो एटीएम कार्ड व लैपटॉप आदि बरामद किए गए हैं। 

अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार पेशे से कुली विजय कुमार ने 21 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पास 12 जनवरी को एक मोबाइल नंबर से एक कॉल आई थी कि आपका पार्सल आया हुआ है। इंग्लैंड से आया पार्सल काफी महंगा है। पार्सल के क्लीरियेंस कराने के नाम पर उससे 160500 रुपये बैंक खाते में जमा करा लिए। जैसे ही विजय कुमार ने पैसे जमा कराए पैसे एटीएम से निकल गए और आरोपी ने विजय का फोन बंद कर दिया। 
मामला दर्जकर एसीपी अभिनंद्रा व इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की देखरेख में एसआई अजय कुमार, सुभाष व महावीर सिंह की टीम ने जांच शुरू की। एसआई अजय कुमार की टीम ने दिल्ली, बुराडी व उत्तम नगर, गाजियाबाद, नोएडा में दबिश दी। करीब दस हजार घरों की जांच पुलिस ने शकूर बस्ती से विशाल सिंह(25) को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद कमल लौहार उर्फ अनू(32) और उत्तम नगर निवासी सौरभ(31) को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों  आरोपी विदेशी नागरिक को अपना खाता उपलब्ध कराते थे। इनसे पूछताछ के बाद बुराडी एरिया से विदेशी बेन अली दिराया उर्फ अबू को गिरफ्तार कर लिया। 

अबू पश्चिमी अफ्रीकी देश कोटे डी आइवर का रहने वाला है। वह बुराड़ी में पिछले करीब तीन वर्ष से रह रहा था। ये 20 सितंबर21 को 19 सितंबर, 2022 तक व्यापार वीजा पर भारत आया था। वह अपने अपने दोस्तों के साथ दरबी की दुकान चलाता था। यहां इसकी मुलाकात सौरभ से हुई थी। इसके बाद दोनों दोस्त बन गए। इसके बाद दो अन्य आरोपी विशाल व कमल से मुलाकात हुई थी। आरोपी अबू को अपना बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। बदले में उन्हें 32-32 रुपये मिलते थे। आरोपी अबू फर्जी आईडी से खोले गए जिन विदेशी खातों का इस्तेमाल कर रहा था उनमें अभी तक करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। पुलिस ठगी करने वाले अबू के साथियों का पता कर रही है। 

विदेशी नागरिक को अपना खाता उपलब्ध कराते थे-
विशाल सिंह के तीन बैंक खाते थे। उसने कमल लौहर को कम खाते दे दिए थे। कमल लौहार ने सौरभ को बैंक खाते दे दिए थे। आखिर में इन बैंक खातों को अबू चलाता था। वह इन बैंक खातों में ठगी की रकम जमा करवाता था। वह रकम के जमा होते ही निकाल लेता था। 

ऐसे करते थे ठगी
ये पीड़ित को फोन करते थे कि विदेशी से उनका गिफ्ट(पार्सल) आया है। इस गिफ्ट की कीमत पांच लाख पौंड है। ये पीड़ित से कस्टम क्लीरियेंस के नाम पर बैंक खाते में पैसा जमा करवाते थे। पीड़ित इनके झांसे में आ जाते थे और आरोपी विदेशी नागरिक द्वारा किए गए बैंक खाते में पैस जमा करा देते थे। पैसे जमा होते अबू एटीएम से पैसे निकाल लेता था। इसके बाद पीड़ित का फोन उठाना बंद कर देते थे। 

विस्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने कस्टम क्लीरियेंस के नाम पर देश भर में लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह के विदेशी समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी देश भर के करीब 100 से ज्यादा लोगों से ठगी कर चुके हैं। ये ठगी के लिए करीब 300 मोबाइल फोन इस्तेमल कर रहे थे। दस हजार घरों की जांच के बाद आरोपी गिरफ्त में आए हैं। इनके कब्जे से सात महंगे मोबाइल, दो एटीएम कार्ड व लैपटॉप आदि बरामद किए गए हैं। 

अपराध शाखा के पुलिस अधिकारियों के अनुसार पेशे से कुली विजय कुमार ने 21 फरवरी को शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पास 12 जनवरी को एक मोबाइल नंबर से एक कॉल आई थी कि आपका पार्सल आया हुआ है। इंग्लैंड से आया पार्सल काफी महंगा है। पार्सल के क्लीरियेंस कराने के नाम पर उससे 160500 रुपये बैंक खाते में जमा करा लिए। जैसे ही विजय कुमार ने पैसे जमा कराए पैसे एटीएम से निकल गए और आरोपी ने विजय का फोन बंद कर दिया। 

मामला दर्जकर एसीपी अभिनंद्रा व इंस्पेक्टर अनिल शर्मा की देखरेख में एसआई अजय कुमार, सुभाष व महावीर सिंह की टीम ने जांच शुरू की। एसआई अजय कुमार की टीम ने दिल्ली, बुराडी व उत्तम नगर, गाजियाबाद, नोएडा में दबिश दी। करीब दस हजार घरों की जांच पुलिस ने शकूर बस्ती से विशाल सिंह(25) को गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद कमल लौहार उर्फ अनू(32) और उत्तम नगर निवासी सौरभ(31) को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों  आरोपी विदेशी नागरिक को अपना खाता उपलब्ध कराते थे। इनसे पूछताछ के बाद बुराडी एरिया से विदेशी बेन अली दिराया उर्फ अबू को गिरफ्तार कर लिया। 

अबू पश्चिमी अफ्रीकी देश कोटे डी आइवर का रहने वाला है। वह बुराड़ी में पिछले करीब तीन वर्ष से रह रहा था। ये 20 सितंबर21 को 19 सितंबर, 2022 तक व्यापार वीजा पर भारत आया था। वह अपने अपने दोस्तों के साथ दरबी की दुकान चलाता था। यहां इसकी मुलाकात सौरभ से हुई थी। इसके बाद दोनों दोस्त बन गए। इसके बाद दो अन्य आरोपी विशाल व कमल से मुलाकात हुई थी। आरोपी अबू को अपना बैंक खाते उपलब्ध कराते थे। बदले में उन्हें 32-32 रुपये मिलते थे। आरोपी अबू फर्जी आईडी से खोले गए जिन विदेशी खातों का इस्तेमाल कर रहा था उनमें अभी तक करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हो चुका है। पुलिस ठगी करने वाले अबू के साथियों का पता कर रही है। 

विदेशी नागरिक को अपना खाता उपलब्ध कराते थे-

विशाल सिंह के तीन बैंक खाते थे। उसने कमल लौहर को कम खाते दे दिए थे। कमल लौहार ने सौरभ को बैंक खाते दे दिए थे। आखिर में इन बैंक खातों को अबू चलाता था। वह इन बैंक खातों में ठगी की रकम जमा करवाता था। वह रकम के जमा होते ही निकाल लेता था। 

ऐसे करते थे ठगी

ये पीड़ित को फोन करते थे कि विदेशी से उनका गिफ्ट(पार्सल) आया है। इस गिफ्ट की कीमत पांच लाख पौंड है। ये पीड़ित से कस्टम क्लीरियेंस के नाम पर बैंक खाते में पैसा जमा करवाते थे। पीड़ित इनके झांसे में आ जाते थे और आरोपी विदेशी नागरिक द्वारा किए गए बैंक खाते में पैस जमा करा देते थे। पैसे जमा होते अबू एटीएम से पैसे निकाल लेता था। इसके बाद पीड़ित का फोन उठाना बंद कर देते थे। 

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