एप लोन के बहाने वसूली करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार 

अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 16 Apr 2022 06:59 AM IST

सार

इस गिरोह को चीन में बैठकर चीनी आका चला रहे थे। आरोपी रंगदारी की रकम को क्रिप्टो करेंसी के जरिए चीनी नागरिकों को हांगकांग, दुबई और चीन भेज रहे थे। 

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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एप लोन के नाम पर वसूली करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश दिल्ली, हरियाणा व यूपी से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह को चीन में बैठकर चीनी आका चला रहे थे। आरोपी रंगदारी की रकम को क्रिप्टो करेंसी के जरिए चीनी नागरिकों को हांगकांग, दुबई और चीन भेज रहे थे। 

आरोपी कम ब्याज व केवाईसी के बिना एप लोन देने के बहाने मोबाइल से डाटा चोरी कर लेते थे। इस डाटा को वह ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल करते थे। आरोपी बिना लोन लिए तृणमूल कांग्रेस से तीन बार सांसद रहे चुके व राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर के बेटे अनुराग हलदर को परेशान व समाज में अपमानित कर रहे थे। इनके पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाले तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। 

अपराध शाखा डीसीपी रोहित मीणा ने बताया कि आरोपियों की पहचान यूपी के र्फरूखाबाद के गांव नगला जैतपुर निवासी सोनू सिंह, अताईपुर, जदीद कैमगंज निवासी विकास कुमार, नवादा दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह, उत्तम नगर दिल्ली निवासी पंकज कुमार और कापसहेड़ा निवासी जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। कोलकाता निवासी अनुराग हलदर ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें और उनके रिश्तेदारों को धमका रहे हैं।  

ये लोग व्हाट्सएप काल कर चीनी फाइनेंस कंपनी कैश एडवांस हा से लिए गए लोन को चुकाने की बात कह रहे हैं। जबकि अनुराग हलदार ने कोई लोन लिया ही नहीं था। मामला दर्जकर एसीपी राजकुमार साहा की देखरेख में इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, एसआई प्रमोद व रविंद्र की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने व्हाट्सएप नंबरों की जांच की तो आरोपियों की लोकेशन मिली। पुलिस टीम ने दिल्ली-गुरुग्राम सीमा स्थित सालापुर खेड़ा, ब्रिजवासन में छापेमारी कर सोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसकी निशानदेही पर विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों से पूछताछ कर पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

आरोपी लोगों को ऐसे जाल में फंसाते थे
आरोपी एप के जरिए लोन लेने के इच्छुक लोगों से संपर्क करते थे। इन एप का आरोपी अलग-अलग तरीके से प्रचार करते थे। आरोपी दावा करते थे कि कुछ ही मिनटों में लोन की रकम उनके पास पहुंच जाएगी। गूगल प्ले स्टोर पर लोन देने के लिए आरोपी एनबीएफसी के फर्जी एग्रीमेंट लेटर भी डाल देते थे। एप डाउनलोड करने के समय कई जानकारियां सांझा करने क लिए अनुमति मांगी जाती थी। 

कुछ लोग कम ब्याज दर और बिना केवाईसी के लोन मिलने के झांसे में आ जाते थे। जैसे से ही कोई पीड़ित लोन लेने के लिए गूगल प्ले से इनकी एप को लोड़ करते थे पीड़िता का डाटा, मोबाइल नंबर व मोबाइल में मौजूद पीड़ित की व्यक्तिगत फोटो चीन के सर्बर में स्वत: ही चली जाती थीं।  वहां पीड़ित के फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ कर उसे अश्लील बना दिया जाता था। अश्लील फोटो व वीडियो के आधार पर ये पीड़ित से मोटी रकम ऐंठते थे। अश्लील वीडियो व फोटो को मोबाइल के कॉट्रेक्ट सूची में शामिल परिजन, रिश्तेदारों व दोस्तों को भेजने की धमकी देकर रकम ऐंठी जाती थी। पीड़ित डर कर आरोपियों को मोटी रकम दे देता था। 

विस्तार

दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एप लोन के नाम पर वसूली करने वाले एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश दिल्ली, हरियाणा व यूपी से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह को चीन में बैठकर चीनी आका चला रहे थे। आरोपी रंगदारी की रकम को क्रिप्टो करेंसी के जरिए चीनी नागरिकों को हांगकांग, दुबई और चीन भेज रहे थे। 

आरोपी कम ब्याज व केवाईसी के बिना एप लोन देने के बहाने मोबाइल से डाटा चोरी कर लेते थे। इस डाटा को वह ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल करते थे। आरोपी बिना लोन लिए तृणमूल कांग्रेस से तीन बार सांसद रहे चुके व राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के उपाध्यक्ष अरुण हलदर के बेटे अनुराग हलदर को परेशान व समाज में अपमानित कर रहे थे। इनके पास से अपराध में इस्तेमाल होने वाले तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। 

अपराध शाखा डीसीपी रोहित मीणा ने बताया कि आरोपियों की पहचान यूपी के र्फरूखाबाद के गांव नगला जैतपुर निवासी सोनू सिंह, अताईपुर, जदीद कैमगंज निवासी विकास कुमार, नवादा दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह, उत्तम नगर दिल्ली निवासी पंकज कुमार और कापसहेड़ा निवासी जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है। कोलकाता निवासी अनुराग हलदर ने शिकायत दी थी कि कुछ लोगों द्वारा उन्हें और उनके रिश्तेदारों को धमका रहे हैं।  

ये लोग व्हाट्सएप काल कर चीनी फाइनेंस कंपनी कैश एडवांस हा से लिए गए लोन को चुकाने की बात कह रहे हैं। जबकि अनुराग हलदार ने कोई लोन लिया ही नहीं था। मामला दर्जकर एसीपी राजकुमार साहा की देखरेख में इंस्पेक्टर वीरेंद्र सिंह, एसआई प्रमोद व रविंद्र की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस टीम ने व्हाट्सएप नंबरों की जांच की तो आरोपियों की लोकेशन मिली। पुलिस टीम ने दिल्ली-गुरुग्राम सीमा स्थित सालापुर खेड़ा, ब्रिजवासन में छापेमारी कर सोनू सिंह को गिरफ्तार कर लिया। इसकी निशानदेही पर विकास कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इन दोनों से पूछताछ कर पुलिस ने तीन अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

आरोपी लोगों को ऐसे जाल में फंसाते थे

आरोपी एप के जरिए लोन लेने के इच्छुक लोगों से संपर्क करते थे। इन एप का आरोपी अलग-अलग तरीके से प्रचार करते थे। आरोपी दावा करते थे कि कुछ ही मिनटों में लोन की रकम उनके पास पहुंच जाएगी। गूगल प्ले स्टोर पर लोन देने के लिए आरोपी एनबीएफसी के फर्जी एग्रीमेंट लेटर भी डाल देते थे। एप डाउनलोड करने के समय कई जानकारियां सांझा करने क लिए अनुमति मांगी जाती थी। 

कुछ लोग कम ब्याज दर और बिना केवाईसी के लोन मिलने के झांसे में आ जाते थे। जैसे से ही कोई पीड़ित लोन लेने के लिए गूगल प्ले से इनकी एप को लोड़ करते थे पीड़िता का डाटा, मोबाइल नंबर व मोबाइल में मौजूद पीड़ित की व्यक्तिगत फोटो चीन के सर्बर में स्वत: ही चली जाती थीं।  वहां पीड़ित के फोटो या वीडियो से छेड़छाड़ कर उसे अश्लील बना दिया जाता था। अश्लील फोटो व वीडियो के आधार पर ये पीड़ित से मोटी रकम ऐंठते थे। अश्लील वीडियो व फोटो को मोबाइल के कॉट्रेक्ट सूची में शामिल परिजन, रिश्तेदारों व दोस्तों को भेजने की धमकी देकर रकम ऐंठी जाती थी। पीड़ित डर कर आरोपियों को मोटी रकम दे देता था। 

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