अगले महीने से एम्स के 50 फीसदी डॉक्टर रहेंगे छुट्टी पर, ग्रीष्म अवकाश लेने की दी अनुमति

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार
Updated Fri, 15 Apr 2022 12:29 AM IST

सार

एम्स में ग्रीष्म अवकाश के चलते डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में ओपीडी आने वाले रोगियों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

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अगले महीने से दिल्ली एम्स के 50 फीसदी डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। 16 मई से 15 जुलाई के बीच दो चरणों में संस्थान के सभी डॉक्टर अवकाश पर रहेंगे। एम्स प्रबंधन ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए आगामी 30 अप्रैल तक छुट्टी पर जाने वाले डॉक्टरों का ब्यौरा मांगा है। साथ ही कहा है कि 50 फीसदी से कम उपस्थिति नहीं होनी चाहिए। हालांकि, इसके लिए प्रबंधन ने सलाह दी है कि 16 मई से 14 जून और 16 जून से 15 जुलाई तक दो अलग-अलग चरण में छुट्टी दी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि एम्स में ग्रीष्म अवकाश के चलते डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में ओपीडी आने वाले रोगियों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ओपीडी के अलावा ऑपरेशन को लेकर भी कई बार मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। पहले से तय ऑपरेशन का अवकाश की वजह से आगे बढ़ाना पड़ता है। हालांकि प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए डॉक्टरों को अलग-अलग चरण में अवकाश लेने के लिए कहा है। ताकि मरीजों का इलाज किसी भी तरह बाधित न हो सके।

विस्तार

अगले महीने से दिल्ली एम्स के 50 फीसदी डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। 16 मई से 15 जुलाई के बीच दो चरणों में संस्थान के सभी डॉक्टर अवकाश पर रहेंगे। एम्स प्रबंधन ने सभी विभागों को निर्देश जारी करते हुए आगामी 30 अप्रैल तक छुट्टी पर जाने वाले डॉक्टरों का ब्यौरा मांगा है। साथ ही कहा है कि 50 फीसदी से कम उपस्थिति नहीं होनी चाहिए। हालांकि, इसके लिए प्रबंधन ने सलाह दी है कि 16 मई से 14 जून और 16 जून से 15 जुलाई तक दो अलग-अलग चरण में छुट्टी दी जा सकती है।

बताया जा रहा है कि एम्स में ग्रीष्म अवकाश के चलते डॉक्टर छुट्टी पर रहेंगे। ऐसे में ओपीडी आने वाले रोगियों को थोड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ओपीडी के अलावा ऑपरेशन को लेकर भी कई बार मरीजों को परेशानी उठानी पड़ती है। पहले से तय ऑपरेशन का अवकाश की वजह से आगे बढ़ाना पड़ता है। हालांकि प्रबंधन के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को देखते हुए डॉक्टरों को अलग-अलग चरण में अवकाश लेने के लिए कहा है। ताकि मरीजों का इलाज किसी भी तरह बाधित न हो सके।

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